Gulkand ke fayde, नुकसान और बनाने की विधि जाने।

गुलकंद यानी गुलाब से बना मीठा हलवा जिसे हम अक्सर मीठे पान में खाते है और यह बहोत ही स्वादिस्ट लगता है। पर इसके साथ साथ gulkand ke fayde भी बहोत है जो जानेंगे हम इस लेख में।

gulkand ke fayde

गुलकंद ताजे गुलाब की पंखुड़ियों से बनने वाला जिसके नाम से ही खाने का मन कर जाता है। मीठा खुशबु दार और शरीर को ठंडक पहुचाने वाला गुलकंद।

इसका इस्तमाल खाने में कई प्रकार से किया जाता है। गुलकंद मीठा होता है तो कई लोग सोचते है कि इसको खाना यानी सेहत खराब करना। पर ऐसा बिल्कुल नही है जी हा गुलकंद मीठा होता है पर इसके सही मात्रा के सेवन से यह शरीर के स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी है।

गुलकंद में अधिक मात्रा में कूलिंग मौजूद होता है। और गुलकंद की तासीर भी ठंडी होती है। जिससे खुजली, बदन दर्द, सुस्ती, थकान और जलन जैसी समस्या दूर होती है

गुलकंद का अधिक इस्तमाल मिठे पान में किया जाता है। इसे अधिकतर खाना खाने के बाद खाना पसंद करते है। जिससे खाने के बाद मुह से आने वाली बदबू दूर रहे और गुलकंद की तासीर ठंडी होने के कारण खाने के बाद पेट म ठडक रहती है। इसका सिर्फ इतना ही नही gulkand ke fayde और भी है जो जानेंगे हम इस लेख में।

विषय सूची – Index

 

गुलकंद क्या है? 

गुलकंद गुलाब के फूल और चीनी से बनने वाला एक मीठा आहार है। इसे आप मीठा गुलाब का मुरब्बा भी कह सकते है। ज्यादातर इसका इस्तमाल मीठे पान में किया जाता है।

 

इसे गुलकंद क्यों कहते है?

चुकी अरबी में गुल का अर्थ है फूल और कंद का अर्थ मिठास इसलिए इसे गुलकंद कहा जाता है।

 

गुलकंद के फायदे – Gulkand Benefits

गुलकंद क्या है और इसके स्वास्थ लाभ है यह तो हम जान चुके है अब हम जानेंगे इसके क्या क्या फायदे किस तरह से है इसे जानने के लिए आप लेख को ध्यान से पढे और गुलकंद का लाभ उठाये।

1. त्वचा के लिए गुलकंद के फायदे – gulkand benefit for skin

गुलकंद एक प्राकृतिक तरह से रक्त को शुद्ध करता है। त्वचा पर फोड़े, दाग धब्बे, ब्लैकहैड्स, वाइटहैड्स और कई समस्या को दूर करता है। यह रक्त साफ करता है जिस कारण त्वचा के रंग को भी साफ करने में मदद करता है। और भी त्वचा से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में काफी लाभदायक माना जाता है।

2. कब्ज के लिए गुलकंद के फायदे – gulkand benefit for Constipation

गुलकंद कब्ज के लिए भी फायदेमंद है। एक अध्याय में पता किया गया कि मैग्रीशियम का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो सकती है, क्यों की यह लैक्सेटिव प्रभाव को प्रदशित करता है। अब गुलकंद में मैग्रीशियम की मात्रा पाई जाती है। जिसके खाने से कब्ज की समस्या दूर की जा सकती है।

अब कब्ज में गुलकंद कैसे और कितना ले – तो इसे आप या तो 2 चमच्च ऐसे ही खा ले या फिर आप दही में 2 चमच्च गुलकंद डाल कर लस्सी बना कर पी ले या शेक बना कर।

3. मुह के छालों के लिए गुलकंद – gulkand benefit for mouth ulcers

मुह के छालों के लिए भी फायदेमंद होता है। गुलकंद हालाकि मुंह के छाले इतने हानिकारक नहीं होते। पर मुंह में जलन बहुत होती है, हम कुछ खा नहीं पाते। तो इसके लिए आप गुलकंद का सेवन करें। विशेषज्ञों का मानना है मुंह के छालों को विटामिन बी से दूर किया जा सकता है।

अब गुलकंद में विटामिन बी की मात्रा मौजूद होती है जो की छालों को दूर कर सकती है। साथ ही गुलकंद की तासीर ठंडी होती है जो छालों के कारण मुह में होने वाली जलन को आराम पहुँचाती है।

4. थकान और तनाव में गुलकंद खाने के फायदे benefit of gulkand for fatigue and stress

गुलकंद थकान और तनाव के लिए भी फायदेमंद है गुलकंद एक आयुर्वेदिक टॉनिक और एंटीऑक्सीडेंट है जो थकान, जलन , सुस्ती मांसपेशियों में दर्द और मानसिक तनाव को दूर करने का काम करता है।

गुलकंद की तासीर ठंडी होने के कारण यह तांत्रिक तंत्र को शांत रखता है जिससे तनाव से आराम मिलता है साथ ही ऊर्जा प्राप्त होती है।

इसे भी पढे – तनाव से दूर रहने के लिए करे ये उपाय

5. आँखों के लिए गुलकंद के फायदे – benefit of gulkand for eyes in hindi

गुलकंद आँखों की रौशनी बढ़ाने में मदद करता है और यह एक conjunctivitis के लिए अच्छी दवा भी है। साथ ही गुलकंद की तासीर ठंडी होती है जिससे लाल आँखे, आँखों में जलन और आँखों की सूजन जैसी समस्या भी दूर होती है

6. गुलकंद के फायदे प्रेगनेंसी में – gulkand benefit for pregnancy

गुलकंद प्रेगनेंसी में भी खाया जाना फायदेमंद होता है और आयुर्वेद के अनुसार गुलकंद को गर्भावस्ता में खाने से कोई परेशानी नही है। गर्भवती महिलाओ को कब्ज की समस्या अधिक रहती है तो गुलकंद के सेवन से यह समस्या दूर हो जायेगी। चुकी यह मल को पतला करके निकाल ने में मदद करता है।

साथ ही गुलकंद में चीनी की मात्रा होती है जो आंतो में पानी की मात्रा बनाये रखता है जिससे कब्ज दूर होती है। गुलकंद की तासीर ठंडी होती है जो पेट में ठंडक रखती है।

7. वजन के लिए गुलकंद खाने के फायदे – benefit of gulkand for weight loss

गुलकंद वजन को कम करने के लिए भी फायदेमंद है। क्यों की गुलाब में मौजूद लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक गुण मेटाबॉलिज्म तेज करने में मदद करते हैं। मेटाबॉलिज्म तेज होने से शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होने लगती है। जिससे वजन कम होता है।

वजन कम करने के लिए कई लोग गुलाब का पानी भी पीते है गुलाब की पंखुड़ी डाल कर इसे उबाल कर पीने से भी वजन कम किया जा सकता है।

इसे भी पढे – घर में आसानी से वजन कम करने के योग

8. पसीने से छुटकारा पाने के लिए गुलकंद – gulkand benefit for sweat

गर्मीयो में अकसर पसीने की समस्या रहती है जिस कारण शरीर चिपचीपा और बदबू दार हो जाता है। तो इसके लिए आप गुलकंद खाना शुरू कर दे इससे पसीने से काफी हद तक निजात मिलेगा।

9. पेट के लिए गुलकंद के लाभ – gulkand benefit for stomach in hindi

gulkand ke fayde पेट की समस्या के लिए भी है कई लोगो को पेट में गैस की समस्या होती है। जिससे अपच, पेट में मरोड़, जलन ,सर दर्द जैसी परेशानी होने लगती है। तो इसके लिये आप गुलकंद का सेवन करे यह गुलाब से बनता है और गुलकंद पाचनतंत्र सुधारने और कब्ज को ठीक करने का काम करता है जिससे गैस की समस्या दूर होती है।

साथ ही इसमें विटामिन बी, सी और ई मौजूद होते है को की पेट के लिए अच्छे साबित होते है।

10. याददाश्त के लिए गुलकंद के लाभ – benefit of gulkand for sharpe memory

gulkand ke fayde याददाश्त के लिए भी है। अगर आपकी याददाश्त कमजोर है तो आप गुलकंद खाये क्यों की गुलकंद में एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए

जाते है। एक वैज्ञानिक शोध से पता किया गया है, कि एंटी ऑक्सीडेंट याददाश्त को तेज करने में लाभकारी साबित हो सकता है।

11. बच्चो को गुलकंद खाने के फायदे – benefit of gulkand for child in hindi

अकसर गर्मीयो में बच्चो का शरीर ज्यादा गर्म हो जाता है जिससे बच्चो को नाक में खून निकलने की समस्या रहती है। तो आप गर्मीयो में बच्चो को गुलकंद का सेवन करवाये गुलकंद की तासीर ठंडी होती है जिससे बच्चो का शरीर ठंडा रहेगा और खून निकलने की समस्या दूर रहेगी।

12. अन्य फायदे गुलकंद खाने के – others gulkand benefit in hindi

  • यह हाईबीपी वाले मरीज के लिए फायदे मन्द है।
  • gulkand ke fayde पेन किलर लेने वाले को जो नुकसान होता है उससे बचाने के लिए।
  • गर्मीयो में लू की समस्या होती है तो गुलकंद के सेवन से लू की समस्या से निजात मिलता है।
  • gulkhand ke fayde शारीरिक दर्द की समस्या को दूर करते है।
  • गुलकंद से बवासीर का इलाज भी हो सकता है क्यों की यह ठंडा होता है। 

 

गुलकंद के नुकसान – Gulkand side effects in hindi

हमने gulkand ke fayde जान लिए है अब हम गुलकंद के नुकसान जानेंगे। वेसे तो गुलकंद के नुकसान कुछ नही है पर कुछ भी सीमित मात्रा से ज्यादा ही खा लिया जाये तो उसके फायदे नुकसान में बदल ही जाते है। तो इसे भी ध्यान से पढे।

1. शुगर के मरीज को ज्यादा मात्रा में गुलकंद का सेवन नही करना चाहिये क्यों की गुलकंद में शक्कर की मात्रा अधिक होती है।

जो शुगर का मरीज है वह घर में बना गुलकंद ही खाये तो अच्छा है क्यों की बहार के गुलकंद में चीनी होती है। आप घर में चीनी की वजाए शुगर फ्री चीनी का इस्तमाल करे।

2. गुलाब वजन कम करने के लिए अच्छा है पर गुलकंद में चीनी होती है तो ज्यादा सेवन से वजन बढ़ भी सकता है।

अब आप सोच रहे होंगे की गुलकंद कितना और कैसे खाना चाहिए तो अब हम यह भी जान लेते है जिससे आपको नुकसान नही फायदा ही मिले।

 

गुलकंद कितना खाए – how much should gulkand eat in hindi

गुलकंद का सेवन आप रोजाना 2 चम्मच कर सकते है अब चाहे आप 1 चमच्च सुबह खाये 1 चमच्च रात को या फिर आप 2 चमच्च साथ खाएं।

15 साल से छोटे बच्चो को 1 चमच्च ही दे।

 

गुलकंद खाने का तरीका – How to eat rose petal jam

अब जानेंगे गुलकंद कैसे खाएं तो इसे किसी भी तरह से खाया जा सकता बस रोजाना खाना है।

  • आप खाना खाने के बाद गुलकंद लस्सी बना कर पी सकते है।
  • गुलकंद शेक या स्मूथी बना कर भी पिया जा सकता है।
  • रात को खाने के बाद ऐसे भी गुलकंद खा सकते है यह माउथ फ्रेंशनर का काम भी कर देंगा और बाकि gulkand ke fayde आप जान चुके है।
  • अब इसे किसी मिठाई में भी इस्तमाल कर सकते है
  • गुलकंद को पानी में डाल कर भी पिया जा सकता है।
  • और आप चाहे वेसे इसे खा सकते है।

 

गुलकंद बनाने की विधि – gulkand recipe in hindi

सामग्री – Ingredients

  • 2 कप – गुलाब की पंखुड़ी
  • 1 1/2 कप – शक्कर
  • 1 चमच्च – सोंफ
  • 1/2 चमच्च – इलाईची पाउडर

नोट – यदि शक्कर आप कम खाते है तो आप शक्कर की बजाए मिश्री या शुगर फ्री चीनी का इस्तमाल कर सकते है।

बनाने की विधि – gulkand recipe

● सबसे पहले एक बाउल ले उसमे गुलाब की पंखुड़ी डाले फिर शक्कर, सोंफ, इलाईची पाउडर डाल दे अब इसे अच्छी तरह मिक्स कर ले।

● अब एक कांच की बरनी ले जिसका ढकन टाइट हो और ये मिश्रण उसमे डाल दे और ढकन अच्छी तरह से बंद कर दे।

● अब इसे धुप में 9 से 10 तक रख दे बस दो दो दिन में जा जा कर इसे चमच्च से हिला दिया करें।

● बस 10 दिन बाद आपका गुलकंद बन के तेयार हो जायेगा अब इसे आप घर में ऐसे ही रख सकते है।

 

गुलकंद लस्सी बनाने की विधि – Gulkand lassi recipe in hindi

हम आपको गुलकंद लस्सी की रेसिपी भी बता रहे है। चुकी यह लस्सी हमको बहोत पसन्द आती है। हम अकसर इस लस्सी को खाना खाने के बाद पीना पसन्द करते है।

सामग्री – ingredients

  • 1 कप – दही
  • 2 चमच्च – गुलकंद
  • 1 चुटकी – इलाईची पाउडर
  • 2 से 3 – बर्फ के टुकड़े

बनाने की विधि – lassi recipe

● एक मिक्सर का जार ले उसमे दही, गुलकंद, इलाईची पाउडर और बर्फ के टुकड़े डाल कर इसे पीस ले।

● अब इसे ग्लास में निकाल कर और गुलाब शिरप से सजा कर सर्व करे।

यह लस्सी आपको बहोत पसंद आएगी आप इसे जरूर बनाये।

इस लेख में आपने अब अच्छे से gulkand ke fayde नुकसान और gulkand recipe in hindi भी जान ली तो अब घर में ही गुलकंद बनाये और इसके लाभ उठाये।


मुझे उम्मीद है कि आपको हमारा यह लेख gulkand ke fayde जरूर पसंद आया होगा। हमारी कोशिश यही रहती हैvकी आपको हमारी site पर पूरी तरह से सही information मिले। यदि आपको लगता हो इस article  मैं कोई सुधार होना चाहिए। तो आप हमें नीचे comments मैं लिख कर सूचित कर सकते है।


यदि आपको यह लेख gulkand ke fayde पसंद आया या अच्छी जानकारी  मिली तो कृपया इस पोस्ट को आप Social media  जैसे Facebook , WhatsApp , Instagram या दूसरे Social media site पर share करे।

 

Share on Social Media

This Post Has 2 Comments

  1. sex tube

    Hello. This post was extremely interesting, particularly because I was looking for thoughts on this topic last Thursday. Giulia Georg Grier

Leave a Reply